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अपनी कई जरूरतों को पूरा करने के लिए हम अक्सर लोन लेते है। चाहे शिक्षा हो या घर खरीदना हो सभी प्रकार की जरूरतों को लोन लेकर पूरा किया जा सकता है। परन्तु कभी कभी ये सुविधाएं, असुविधा का रूप धारण कर लेती है और हमारे द्वारा लिया गया लोन एक समस्या बन है। इसीलिये यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि की हम अपने लोन की किश्तों का सही समय पर भुगतान कर, सही तरह से लोन का निपटारा करें। इसमें तो कोई दो राय नहीं है लोन खत्म होने के बाद हमें बहुत खुशी होती है और काफ़ी हल्का महसूस होता है परन्तु यहाँ पर थोड़ा सा सावधान होने की आवश्यकता है क्योंकि सारी कागज़ी करवाई आपकी आखिरी किश्त जमा करने के साथ ही ख़त्म नहीं होती हैं।
जब तक आपको अपने वित्तीय संस्थान की ओर से ऐन.ओ.सी की प्राप्ति नहीं हो जाती तब तक लोन द्वारा ली गयी वस्तु पर आपका पूरा अधिकार नहीं होता। ऐन.ओ.सी वित्तीय संस्थानों द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र होता है जो वित्तीय संस्थानों द्वारा आधिकारिक रूप से जारी किया जाता है। इस प्रमाण पत्र में यह औपचारिक रूप से लिखा रहता है बैंक की तरफ से लोन की सारी करवाई पुरी हो चुकी है और लोन पर ली गयी वस्तु पूर्ण रूप से ग्राहक की है। आमतौर इस महत्वपूर्ण अंश को ग्राहक भूल जाते है और फिर भविष्य में उन्हें विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आख़िरी किश्त जमा करने के बाद ऐसा भी हो सकता है की जिन ग्राहकों के पास एन ओ सी पत्र नहीं होता वित्तीय संस्थान कई वर्षों के बाद भी उन वस्तुओं पे अपना आधिकारिक दावा कर सकते हैं। और तब ग्राहक को एन ओ सी का महत्व समझ आता है। इतना ही नहीं ग्राहक अपनी ही वस्तु पर दावा करने में असमर्थ हो जाते हैं, क्योंकि क़ानूनी रूप से वित्तीय संस्थानों के पास ये अधिकार होता है की वो इस तरह का दावा कर सकें। तो भविष्य में इस प्रकार की असुविधा से बचने के लिए नीचे लिखें उपायों का ध्यान रखें।
एन ओ सी पत्र के लिए आवेदन
लोन की आख़िरी किश्त भरने के साथ ही ग्राहक को ऐन.ओ.सी के लिए आवेदन कर देना चाहिए। इस आवेदन में वो लोन लेने वाले का नाम, लोन की राशि और अन्य महत्वपूर्ण बातों को जरुर लिख कर सकते है। उदाहारण के तौर पर एक बाइक लोन के अनापत्ति प्रमाण पत्र (ऐन.ओ.सी ) हेतु बाइक की पंजीकरण संख्या, लोन की राशि, देनदार का नाम इत्यादि लिखित होने चाहिए। इसके ऐन.ओ.सी पत्र लेने की वजह का जिक्र करना ना भूलें जो इस मामले में ये होगी की ग्राहक की लोन राशि पूरी तरह से जमा हो चुकी है।
छोटी छोटी बातों का स्मरण रखते हुए हम भविष्य में होने वाली किसी भी परेशानी का निपटारा कर सकते है। सूचित रहे , सुरक्षित रहे।